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भौजाई को पेल कर मम्मी बना दिया XXX Kahani In Hindi

हॉट भौजाई को पेल कर मम्मी बना दिया XXX Kahani In Hindi : हैल्लो दोस्तों, मेरी यह दूसरी कहानी है और अब में आपका वक्त ज्यादा ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी आता हूँ।  में अभी इंजीनियरिंग कर रहा हूँ और 1 साल पहले मेरे पड़ोस के भाई की शादी हुई थी, जिसमें में नहीं आ सका था, क्योंकि मेरे एग्जॉम चल रहे थे. फिर जब में होली पर घर आया था, तो भौजाई अपने घर चली गई थी और बाद में भाई साहब और भौजाई विदेश चले गये थे. मेरी मौसी मुझसे ऐसी गन्दी गन्दी बाते करती है ऑडियो सुनो Hindi Audio Roleplay अब में भौजाई से पूरे 1 साल के बाद मिलने वाला था, मैंने उन्हें अभी तक ना देखा था ना में उनका नाम जानता था, वो मेरे पड़ोस में रहती थी इस कारण से मुझे कोई जरूरत नहीं थी। 

फिर में छुट्टी लेकर घर आया तो मैंने सबके पैर छुए माँ, चाची, ताई, पड़ोस की सभी औरतों के और वहीं नई भौजाई भी खड़ी थी, तो माँ ने कहा कि इसके भी छू. इसके बाद मैंने जैसे ही भौजाई की तरफ देखा तो मेरी आँखों में पानी आ गया और भौजाई भी मुझे देखती ही रही।फिर माँ ने पूछा कि क्या हुआ? तो मैंने कहा कि नींद आ रही है में जा रहा हूँ, किन्तु मेरी आँख में पानी का कारण नींद नहीं मेरी भौजाई दीप्ति थी. वो मेरे विद्यालय की हेडगर्ल थी, में 5वीं से 9वीं तक अपनी बुआ के पास पढ़ा हूँ, तो उसी विद्यालय में दीप्ति हेडगर्ल थी, वो बहुत ही सुंदर थी, में हमेशा दीप्ति को देखता रहता था. फिर एक दिन में पूरे जोश के साथ दीप्ति के पास गया और कहा कि आई लाइक यू, तो दीप्ति कहने लगी कि तुम कौन सी क्लास में हो?

हॉट भौजाई को पेल कर मम्मी बना दिया XXX Kahani In Hindi

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तो मैंने कहा कि 9वीं में और उससे पूछा कि तुम कौनसी क्लास में हो? तो उसने कहा कि 12वीं में. फिर दीप्ति कहने लगी कि अभी तुम बच्चे हो अगर तुम मेरे साथ के होते तो में तुम्हारी गर्लफ्रेंड ज़रूर बनती और फिर वो हँसने लगी, उसकी हंसी बहुत प्यारी थी।फिर उसने मेरे सिर पर अपना हाथ फैरा और अपना हाथ बढ़ाकर कहा कि वी आर फ्रेंड्स, तो मैंने भी हाथ मिला लिया. अब मेरे लिए तो यही काफ़ी था और में इसे ही प्यार समझता था.

यहाँ भी देखें >> सुन्दर कश्मीरी लड़की के बलात्कार का अश्लील XXX पोर्न वीडियो अब रोजाना दीप्ति मुझसे हाथ मिलाती और मेरी पढ़ाई के बारे में पूछती, तो में प्रसन हो जाता. फिर एक दिन दीप्ति  ने मुझसे हाथ मिलाया तो वो मेरा हाथ देखकर कहने लगी कि तुम्हें तो बुखार है, तुम विद्यालय क्यों आए? तो मैंने कहा कि तुम्हें देखने, तो वो हल्की सी हंसी और मेरे गाल पर किस की और कहने लगी कि मेरा प्यारा दोस्त। 

फिर उसने मुझे छुट्टी दिलवाकर घर भेज दिया, मेरे लिए यह जन्नत का दिन था. फिर ऐसे ही टाईम गुज़रता रहा और अब मैंने 9वीं क्लास पास करके घर के पास के विद्यालय में ही एड्मिशन ले लिया था और दीप्ति ने भी 12 वीं क्लास पास कर ली थी और हमारा संबंध यही ख़त्म हो गया था, किन्तु में दीप्ति को भुला नहीं पाया था, वो मेरा प्यार थी, किन्तु अब वही दीप्ति अब मेरी भौजाई बन चुकी थी. अब मेरा दिल रो रहा था और अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था क्या करूँ? फिर माँ ने मुझे उठाया और कहा कि जा दीप्ति को डॉक्टर के पास ले जा, तो में मना करने लगा, किन्तु माँ मान ही नहीं रही थी और कहा कि तेरी भौजाई बाहर खड़ी है, तो मैंने मेरी कंचो जैसी मोटी मोटी आँखों से देखा कि दीप्ति नीले कलर की साड़ी में बहुत सुंदर लग रही है और वो अपनी निगाहें नीचे झुकाकर खड़ी है.

इसके बाद मैंने अपना गुस्सा छोड़कर अपनी बाइक निकाली और दीप्ति को डॉक्टर के पास ले गया. अब में बाहर खड़ा हो गया था. फिर जब दीप्ति पहली बार कहने लगी कि राहुल प्लीज मेरे साथ भीतर चलिए. अब दीप्ति की आवाज़ में एक रेस्पेक्ट सी थी. फिर वो डॉक्टर से टेस्ट करवाने चली गई और जब वो आई, तो में पैसे देने लगा, तो दीप्ति बीच में ही पैसे देने लगी. भाई के लम्बे और मोटे लण्ड से चुद गई Hindi Audio Sex Story इसके बाद मैंने दीप्ति की तरह देखा, तो फिर उसने अपना हाथ पीछे सरका लिया और मैंने डॉक्टर को पैसे दे दिए और फिर हम घर आ गये. इसके बाद मैंने अपनी बाइक खड़ी की और अब दीप्ति मुझे पैसे देने के लिए खड़ी थी, किन्तु में दीप्ति की बिना देखे ही अपने घर में चला गया.

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अब नाईट को में अपनी छत पर घूम रहा था. अब दीप्ति की घर की छत हमारे घर से लगी हुई थी, तो जैसे ही मैंने दीप्ति को छत पर देखा तो में अपने कमरे में चला गया. उसके बाद नेक्स्ट डे में अपने कमरे में टी.वी देख रहा था, तो मेरी साली पक्की छिनाल माँ दीप्ति को कमरे ले आई और उससे बातें करने लगी. अब दीप्ति बीच- बीच में मुझे देख रही थी. फिर ऐसे ही बातों-बातों में माँ ने उससे पूछा कि तुम कौन से विद्यालय में पढ़ी हो? तो उसने विद्यालय का नाम बताया, तो विद्यालय का नाम सुनते ही माँ कहने लगी कि इस विद्यालय में तो राहुल भी पढ़ा है, तुम दोनों एक दूसरे को जानते होंगे. तो मैंने जल्दी से उत्तर दिया कि नहीं हम नहीं जानते और फिर में कमरे से बाहर चला गया.

अब दीप्ति मुझे देख रही थी, तो तभी माँ कहने लगी कि पता नहीं इसे क्या हो गया है? अज़ीब-अज़ीब सी बातें करता है और फिर माँ और दीप्ति एक दूसरे से बातें करने लगी. अब शाम को दीप्ति के घर से चिल्लाने की आवाजे आ रही थी, तो मैंने मेरी कंचो जैसी मोटी मोटी आँखों से देखा कि दीप्ति रो रही थी और ताई और भाई साहब उस पर चीख रहे थे. अब मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था. फिर दीप्ति ने मुझे देखा और अपना मुँह थोड़ा फैर लिया. इसके बाद मैंने घर आकर माँ से कहा तो माँ ने कहा कि तुझे क्या? उनकी बहू है वो चाहे कुछ भी करे. फिर मुझे माँ के मुँह से ऐसी बातें सुनकर बड़ा अजीब सा लगा।  उसके बाद नेक्स्ट डे दीप्ति को फिर से डॉक्टर के पास ले जाना था.

अब मेरे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ये चक्कर क्या है? आज रिपोर्ट का दिन था. अब दीप्ति की आँखे सूज़ी हुई थी जैसे वो सारी नाईट रोई हो और वो अभी भी रो रही थी. अब मुझे अपनी ताई और भाई साहब पर बहुत गुस्सा आ रहा था. फिर में दीप्ति को अपनी बाइक पर बैठाकर ले जाने लगा. अब दीप्ति अभी भी रो रही थी. फिर हमने रिपोर्ट ली और  वापस घर आने लगे, किन्तु अब वो चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थी. इसके बाद मैंने अपनी बाइक रोकी और उसके गाल से आँसू पूछे, तो इतना करते ही वो राहुल बोलकर मुझसे लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी, तो में ऐसे ही खड़ा रहा।

फिर कुछ समय के बाद वो हटी और मुझसे सॉरी बोली, तो मैंने उसे रुमाल दिया, तो उसने अपना चेहरा साफ़ किया. इसके बाद मैंने पूछा कि दीप्ति बात क्या है? तो दीप्ति कहने लगी कि तुम्हारे मतलब की बात नहीं है, तो मुझे गुस्सा आया और हम घर जाने लगे।  इसके बाद मैंने अपनी बाइक खड़ी की और अपने घर में जाने लगा, तो दीप्ति कहने लगी कि प्लीज राहुल हमारे घर चलो मुझे बहुत अकेला महसूस हो रहा है, प्लीज तुम्हें हमारी पिछली दोस्ती की कसम और फिर में दीप्ति के साथ उनके घर में चला गया. अब में और दीप्ति बैठकर बातें कर रहे थे, तो मैंने कहा कि दीप्ति में तुम्हें अभी भी उतना ही प्यार करता हूँ जितना पहले करता था. फिर दीप्ति मुस्कुराकर उठकर चलने लगी तो उसकी साड़ी का पल्लू सोफे के बीच में फंस गया और फिर जैसे ही वो मुडी तो उसके सीने पर से पल्लू गिर गया.

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अब मुझे दीप्ति के दोनों कच्चे आम जैसे ब्रेस्ट दिखने लगे थे, किन्तु मेरे दिल में कोई गलत वासना नहीं थी. फिर दीप्ति चिल्लाई राहुल, तो में उठकर मैन गेट पर आ गया।फिर दीप्ति ने पीछे मुड़कर देखा तो उसका पल्लू सोफे में फंसा था तो उसने मुझसे सॉरी कहा . तो मैंने गुस्से में कहा कि तुम हमेशा मुझे गलत ही समझती हो, बचपन में तुमने मेरे प्यार को गलत समझा और आज भी और ये कहकर में अपने घर आ गया।  फिर कुछ समय में दीप्ति मेरे घर पर आई, अब हमारे घर में मेरे अलावा कोई नहीं था. फिर वो मुझे गुस्से में देखकर मेरे पास आई और मेरे बालों में अपना हाथ फैरा और फिर मेरे गाल पर किस ली और कहने लगी कि मेरे प्यारे फ्रेंड मुझे मांफ कर दो। 

फिर में दीप्ति की तरफ घुमा और उसके गाल पर किस की और कहा कि मांफ कर दिया, उसके गाल बहुत नर्म थे और फिर हम दोनों हँसने लगे. इसके बाद मैंने दीप्ति से पूछा कि में तुम्हें कैसा लगता हूँ? तो उसने कहा कि अच्छा, तो मैनें पूछा कि कितना? तो दीप्ति ने कहा कि अगर मेरी शादी नहीं हुई होती में तुमसे कर लेती, इतना अच्छा, तो में बहुत प्रसन हुआ।इसके बाद मैंने दीप्ति के हाथ पकड़कर चूमे. इसके बाद मैंने दीप्ति से कहा कि सच-सच बताना ये डॉक्टर और तुम्हारा रोने का क्या कारण है? तो ये सुनते ही दीप्ति मेरे गले लग गई और रोने लग गई, तो मैंने फिर से पूछा, तो दीप्ति ने बताया कि ताई और भाई साहब उसे मारते है क्योंकि वो बच्चा नहीं दे सकती, किन्तु दीप्ति कहने लगी कि मुझमें कोई कमी नहीं है तुम मेरी रिपोर्ट देख लो, तुम्हारे भाई साहब में कमी है, किन्तु वो मानते ही नहीं है और मुझे मारते है और यह कहकर फिर से रोते हुए मेरे गले लग गई।  

अब इस बार दीप्ति ने मुझे इतनी ज़ोर से गले लगाया था कि उसके ब्रेस्ट मेरी छाती में दब गये थे।  मेरे पापा ने वेश्या की जगह मुझे चोदने का प्रोग्राम बनाया MP3 Hindi Audio Sex Story… फिर एकदम से मेरे हाथ दीप्ति की कमर पर चलने लगे और दीप्ति के भी हाथ मेरी कमर पर चलने लगे थे. इसके बाद मैंने उससे कहा कि तुम भाई साहब को छोड़ दो, तो वो कहने लगी कि बदनामी होगी और फिर कौन मुझसे शादी करेगा? अब मेरे हाथ दीप्ति की चूतड़ पर पहुँच गये थे और इसके बाद मैंने उन्हें अपनी तरफ दबाया तो दीप्ति ने मुझे कसकर जकड़ लिया।अब मेरा फौलादी लण्ड तन चुका था, जो दीप्ति की जांघो में चुभ रहा था. अब में और दीप्ति एक दूसरे को बुरी तरह से भींच रहे थे. अब उसके निप्पल खड़े हो चुके थे, जो मुझे महसूस हो रहे थे.

अब दीप्ति हल्के- हल्के मौन कर रही थी और फिर में दीप्ति के फूल की पंखुड़ियों जैसे होंठो को चूसने लग गया. अब दीप्ति ने भी अपनी जबान मेरे मुँह में डाल दी थी, क्या स्वादिष्ट जबान थी उसकी? अब मेरे हाथ दीप्ति के ब्रेस्ट पर आ गये थे, जिन्हें में अच्छी तरह से दबा रहा था और बीच-बीच में उसके निप्पल भी भींच रहा था. अब दीप्ति गर्म हो रही थी और कहने लगी कि मुझे अपनी बना लो राहुल, मुझे बच्चा दे दो, मुझे चोदो, मेरी फाड़ दो. फिर ये सुनकर मैंने दीप्ति का ब्लाउज फाड़ दिया और उसकी पैडेड ब्रा उतारकर ज़ोर-ज़ोर से उसके निप्पल को चूसने लगा गया. अब दीप्ति पूरी गर्म हो गई थी, अब वो चीख रही थी आआआअ राहुल फुक मी, आआअहह, आआहह. अब मेरा एक हाथ दीप्ति की चुत पर पहुँच गया था, अब में वहाँ मसाज करने लगा था.

अब दीप्ति मरने जैसी हो रही थी।इसके बाद मैंने दीप्ति को अपनी बाँहों में उठाया और शयनकक्ष में लेकर गया और अब हम दोनों पूरी तरह से नंगे हो गये थे. फिर में वापस से दीप्ति के निप्पल चूसने लग गया और अपने एक हाथ से दीप्ति की चूत में उंगली डाल दी, जो बहुत ही कठिनाई से जा रही थी. तब दीप्ति ने बताया कि वो अब तक सिर्फ़ 5 बार ही चुदी है, तो में ख़ुशी से झूम गया, उसकी अभी तक सील भी नहीं टूटी है, भैया बाहर ही झड़ जाते थे. अब दीप्ति पूरी गर्म हो चुकी थी और अब वो मेरे लम्बे मोटे लण्ड को अपने हाथ से दबा रही थी. अब हम 69 की पोज़िशन में आ गये थे. फिर जैसे ही मैंने अपना मुँह उसकी चुत पर रखा, तो उसने पिचकारी छोड़ दी, तो में उसका सारा जूस पी गया। 

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अब मेरा फौलादी लण्ड भी पूरा तन गया था।इसके बाद मैंने दीप्ति की चूतड़ के नीचे 2 तकिये लगाए और अपना लण्ड उसकी चुत पर रखा और एक ज़ोरदार धक्का दिया, उसकी चुत बहुत तंग थी. अब मेरा फौलादी लण्ड 2 इंच ही उस साली रंडी छिनाल की चूत में गया था. तो तभी वो ज़ोर से चिल्लाई उूउउईईईईई माँ, मेरे राजा आराम से करो. फिर ये सुनते ही मैंने एक और ज़ोरदारशॉट मारा तो मेरा फौलादी लंड उसकी सील तोड़ता हुआ पूरा उसकी चुत की गहराई में उतर गया. अब मैंने उसका मुँह अपने मुँह में ले लिया था, जिससे उसकी आवाज़ नहीं निकली थी, किन्तु दर्द से उसके आँसू निकल गये थे. अब वो अपने हाथ पैर मार रही थी, किन्तु में भी उसे छोड़ने वाला नहीं था, अब में उसके निप्पल चूसने लगा था.

फिर कुछ समय के बाद में उसको भी आनंद आने लगा और अब वो भी अपनी गद्देदार गांड उछाल- उछालकर मेरे हर शोर्ट का साथ दे रही थी और जोर- ज़ोर से चीख रही थी कि फाड़ दो मेरी हाईई, में आपकी हूँ, आप ही मेरे स्मार्ट पति हो, मुझे बच्चा दे दो, एससस्स फकककक… मी हार्ड और फिर ऐसे ही करते-करते हम झड़ गये और फिर इस तरह से मैंने दीप्ति को 35 बार चोदा. फिर आज दीप्ति का मुझे फोन आया कि वो प्रेंग्नेट है, तो में उससे मिलने के लिए उसके घर भाग गया और इसके बाद मैंने आपके लिये ये कहानी लिखी..

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