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न्यूड ताईजी की बुर में लौड़ा पेला XXX Hindi Sex Kahani

नंगी ताईजी की चूत में लौड़ा पेला XXX Hindi Sex Kahani

ये कहानी मेरी और मेरी ताईजी के बीच हुई incest सेक्स की घटना के बारे में है. जो मैं आज आपलोगों के साथ शेयर करने जा रहा हूँ. मैं आपको बता दूँ. की मेरी ताईजी एक घरेलू महिला है जिनकी उम्र 40 साल है. उनका कलर सावला और शरीर का डील डोल ठीक ठाक ही है।

इससे पहले मैंने कभी अपनी ताईजी को गंदी नज़रो से नही देखा था. न ही मैंने कभी अपनी ताईजी के साथ चुदाई करी था. बात उस वक़्त की है जब मैं अपने ताऊजी ताईजी के घर कुछ दिनों के लिए घूमने गया था. मेरे ताऊजी ताईजी शहर में रहते है. मेरे ताऊजी वहाँ एक फैक्टरी में मजदूरी करते है. और वो लोग एक छोटी सी बस्ती में एक कच्चे मकान में रहते है. मैं कुछ दिनों के लिए वहाँ घूमने गया ताऊजी ताईजी मुझे देखकर बहुत प्रसन थे. वो मुझे काफी दिनों से अपने पास बुला रहे थे. अब मुझे उनके यहाँ जाने का मौका मिला मैं भी उनसे मिल के काफी प्रसन था. ताऊजी ताईजी ने अच्छे से मेरा स्वागत किया।

ताऊजी ताईजी मुझसे कहने लगे तू तो बड़ा जवान हो गया है और मुझे अचंभित नज़रों से देखते हुए ताईजी बोलने लगी. आप तो बचपन में एक दम शर्मीले और दुबले पतले थे. पर अब तो एक हट्टे कट्टे जवान हो गए हो. मैंने उनकी बातें सुनकर एक हल्की सी मुस्कान भर दी. उसके बाद मैं नहा धोकर फ्रेश हो गया और सब ने साथ खाना खाया।

नंगी ताईजी की चूत में लौड़ा पेला XXX Hindi Sex Kahani

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न्यूड (नग्न) ताईजी की चूत में लौड़ा पेला XXX Hindi Sex Kahani

उनके बच्चे भी जो की मुझसे उम्र में छोटे थे वो भी मुझसे बातें करने लगे और मुझे अपनी बस्ती में घुमाने ले गए. हम सब भाई शाम को घर वापस आ गए. तब ताईजी मेरे पास चाय लेकर आई और खुद भी चाय लेकर मेरे बगल में बैठ गयी. हमारे बीच कुछ इधर उधर की बातें होने लगी।

उसके बाद ताईजी उठकर नाईट का खाना बनाने चली गयी. नाईट के 8 बजे ताऊजी भी फैक्टरी से लौट आये उसके बाद सब लोगों ने साथ बैठकर खाना खाया. उसके बाद सब सोने की तैयारियों में लग गए मुझे भी ज़ोरो की नींद आ रही थी. उनके घर में एक ही पलंग था. तो ताईजी ने मुझे कहा की मैं पलंग पर लेट जाऊ और वो खुद के और बच्चों के लिए नीचे चटाई बिछाने लगी।

मैंने उन्हें कहा कि ताईजी आप पलंग पर सो जाइये तो उन्होंने मेरी बात नही मानी और मुझे पलंग पर लेटने को कहा उसके बाद मैं पलंग पर और ताईजी और उनके बच्चे अलग अलग चटाई पर नीचे लेट गए फिर ताईजी ने कमरे की बड़ी लाइट बंद कर दी और नाईट बल्ब जला दी और ताऊजी कमरे के बाहर बरामदे में पहले ही सो चुके थे. कुछ देर बाद मुझे भी नींद आ गयी।

आधी नाईट के करीब कमरे में कुछ खुसफुसाहट सुनाई दी मैं नींद में भी सुन पा रहा था. और जब मेरी उन आवाजों से नींद खुली तो मैंने मेरी कंचो जैसी मोटी मोटी आँखों से देखा ताऊजी कमरे में ताईजी के पास खड़े है. ये सब मैं हल्के से अपनी आंख खोलकर देखने लगा. फिर ताऊजी अपनी लुंगी को बीच से हटाते हुए ताईजी के टांगों के पास बैठ गए. और अपनी चड्डी को हटाते हुए ताऊजी ने अपना मुर्झाया हुआ लण्ड निकाला।

ताऊजी अपना पतला मुर्झाया हुआ लण्ड अपनी मुट्ठी में पकड़े मसल रहे थे. ताईजी अभी भी नींद में सोई हुई थी. फिर ताऊजी ने ताईजी की दोनों टाँगों को फैलाकर खोल दिया ताईजी भी अपनी आंखें बंद किये कुछ बड़बड़ाते हुए अपनी टाँगों को खोलकर ताऊजी को सौपने लगी. मुझे लग रहा था कि ताईजी नींद में है पर वो केवल अपनी आंखों बंद किये हुए थी।

फिर ताईजी ने अपनी साड़ी को अपनी टाँगों से हटाकर अपनी जाँघों तक कर दिया. पलंग से तो मुझे बस उनकी जांघे ही दिखाई दे रही थी. पर ताऊजी उनकी चुत पर अपना हाथ फेर रहे थे. कुछ देर ताऊजी ने ताईजी की चुत को अपनी उंगलियों से टटोला और फिर अपना लण्ड ताईजी की चुत में डालकर अपनी कमर उछालने लगे।

ताईजी कोई प्रतिक्रिया नही दिखा रही थी ऐसा लग रहा था कि ताईजी को ताऊजी के लण्ड का कोई असर ही नही हो रहा था. ताऊजी बस एव ही अपनी कमर चला रहे थे. ऐसा लग रहा था कि उनकी रूटीन चुदाई चल रही थी. ताऊजी अपने लण्ड की आग बुझाने में लगे है और ताईजी को रत्ती भर कुछ फर्क नही पड़ रहा था।

कुछ देर ताऊजी ने उछल कूद की फिर ताईजी की चुत साफ करके बरामदे में चले गए. मुझे अभी भी ताईजी की खुली जांघ दिख रही थी ताऊजी अपनी प्यास बुझाने के बाद ताईजी को वैसे ही छोड चले गए थे. ताईजी नींद में थी उनकी साड़ी उनके दोनों जांघो के बीच गोटा हो गयी थी. जिससे उनकी बूर तो साड़ी से ढकी हुई थी पर उनकी गदराई न्यूड (नग्न) जांघे मुझे बाहर से दिखाई पड़ रही थी।

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मैं पलंग पर से अपना सर उठाकर उनकी जांघे ताड रहा था. उनकी वो मस्त मस्त मोटी गदराई जांघे मेरे शानदार पेनिस को सुलगा रही थी. ताईजी को उस हालत में देख मेरे भीतर तूफान सा जग रहा था. मैं पलंग पर खिसक कर किनारे लेट गया. ताकि मुझे ताईजी की जांघे देखने मे आसानी हो किनारे से मुझे ताईजी की जांघ उनके कमर के पट्टे तक दिखाई दे रहे थे।

मैं अपने खड़े लण्ड को पकड़ कर मसलता हुआ मन ही मन सोचने लगा की काश मुझे ताईजी की बुर मिल जाती मेरा फौलादी लण्ड का साइज मेरे ताऊजी के लण्ड से मोटा और बड़ा था. इसके बाद मैंने सोचा कि ताईजी को ताऊजी के लण्ड से आनंद नही आता होगा तभी तो ताईजी सेक्स में कोई उत्सुकता नही दिखा रही थी।

मैंने मन ही मन सोचा कि शायद ताईजी मेरे लण्ड से चुद के प्रसन हो जाये. मेरे मन में ये भावना जागने लगी कि ताईजी जरूर सेक्स के लिए तड़पती होगी किन्तु उन्हें मन भर चुदाई नही मिलती होगी. फिर मेरे भीतर एक अजीब सी बेचैनी मचने लगी मुझे ताईजी की चुदाई करने का मन करने लगा।

तो मैंने हिम्मत करके पलंग से उतरा और दबे पांव ताईजी के पास जाकर बैठ गया. फिर मैं उनके नंगे जांघ को करीब से देखने लगा. करीब से उनकी जांघे और मोटी और गदराई लग रही थी. उस वक़्त मुझपर चुदाई का भूत सवार हो चुका था. इसके बाद मैंने ताईजी की एक जांघ पर हल्का सा अपना हाथ फेरने लगा. ताईजी ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नही दिखाई।

इसके बाद मैंने धीरे से ताईजी की एक जांघ को थोड़ा बाहर के तरफ फैलाया ताकि उनकी टाँगों के बीच थोड़ी जगह बन जाये. जांघ को फैलाते ही उस टांग पर जो थोड़ी सी साड़ी ढकी हुई थी वो भी हटकर ताईजी की बूर पर आ गयी. अब ताईजी के उस जांघ के बगल से उनकी बूर के बाल बाहर आ गए और गौर से देखने पर उनकी बूर भी दिखाई देने लगी।

ताईजी की बूर देखकर मुझमें एक अलग सा नशा छाने लगा. मेरा फौलादी लण्ड एकदम तंग होकर पैंट में सीधा खड़ा हो चुका था. इसके बाद मैंने हल्के से ताईजी के बूर के ऊपर जो साड़ी थी उसे अपनी उंगलियों से धकेलते हुए ऊपर चढ़ाने लगा. कुछ ही देर में मुझे मेरी ताईजी की चुत का हसीन नज़ारा दिख गया।

इसके बाद मैंने अपनी पैंट नीचे करके बस अपने लण्ड और गोटियों को बाहर निकाला और हिम्मत करके ताईजी की चुत पर रगड़ने लगा. मैं अपने लण्ड से ताईजी की बुर को चूमने लगा. लण्ड के रागड़ाव से ताईजी एक दो बार नींद में ही बड़बड़ा कर चुप हो गयी. मैं भी उसवक्त रुक गया वो शायद नींद में मुझे ताऊजी समझ रही थी।

ताईजी के चुत के संपर्क में आकर मेरा फौलादी लण्ड किसी गर्म रॉड की तरह हो गया था. मैं भी अपने लण्ड को बस ताईजी के चुत के ऊपर मल कर लण्ड के सही आकार में आने का इंतजार कर रहा था. अब मेरे लण्ड की नसें फूलने लगी थी जिससे वो और भी मोटा लग रहा था अब मेरा फौलादी लण्ड तैयार था।

इसके बाद मैंने ताईजी की चूत में लण्ड डालने का फैसला किया और ताईजी के जांघो के बीच घुटनों के बल बैठ गया. और अपने लण्ड की ऊपरी चमड़ी एक दो बार आगे पीछे खिसका कर मैंने ताईजी की चूत में लण्ड डाला तो लण्ड का अगला हिस्सा थोड़ा सा चुत में घुसकर फंस गया क्योंकि लण्ड के पीछे का हिस्सा मोटा था।

यानी कि ताईजी की चुत में पूरा लण्ड डालने के लिए और ताकत लगानी पड़ती. मुझसे एक गलती भी हो गयी थी. मैंने लण्ड पर थूक नही लगाई थी नही तो थोड़ी आसानी से लण्ड भीतर जाता. मैंने मन ही मन कहा कि जो हुआ सो हुआ अब फिर एक दफे प्रयास करूँगा. तो मैंने अपने लण्ड को थोड़ा ताईजी की चुत से बाहर खिंचा और तेज़ सांस लेते हुए पहले बार से थोड़ी तेज़ी से चुत में धक्का मारा।

दोस्तों लण्ड तो उससे ज्यादा चुत में घुसा नही पर मेरी ताईजी की नींद खुल गयी. वो मुझे अपने ऊपर देख हड़बड़ा गयी. और अपनी चुत की तरफ देखते हुए उन्होंने अपना माथा पकड़ लिया और कहने लगी ये क्या है? ये क्या कर रहे है आप मेरे साथ! वो बहुत शॉक्ड थी कि कैसे ये सब हो गया।

वो मुझे धकेलने लगी पर उनका धक्का इतना तेज नही था कि मैं उन के उप्पर से हट जाऊ. जब मैं नही हटा तो वो फिर अपना माथा पकड़कर कहने लगी “ये सब गलत होगा हमारे बीच ऐसा नही हो सकता अगर किसी को पता चल गया तो हमारी बदनामी हो जाएगी और बच्चे यहीं सो रहे है देख लेंगे ” वो मुझे डांट रही थी पर उनकी आवाज एकदम धीमी थी फिर वो मुझे समझाने लगी कि हमदोनों के बीच ऐसा संबंध नही बन सकता।

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वो मुझे धीमे आवाज में समझा रही थी पर अभी तक अपनी चुत में घुसा मेरा फौलादी लण्ड निकालने को नही कहा मैं समझ गया कि आज की नाईट मौका है पता नही फिर कभी ये मुझे चोदने देगी या नही. वो मुझे समझा ही रही थी तभी मैंने ज़ोर से अपना लण्ड चुत में दबाया और लण्ड गच्च से उनकी चुत में घुस गया।

लण्ड चुत में घुसते ही ताईजी के मुँह से आ ह ह ह… की हल्की सी आवाज आई और दर्द से उन्होंने अपनी आंखें बंद कर ली और अपने हाथ के पंजे मेरी पीठ पर गड़ा दिए. इससे पहले वो कुछ बोलती मैंने अपने लण्ड को उनकी चुत के भीतर मारने लगा।

मैं तेज़ी से सांस लेता हुआ अपने लण्ड को एक शोर्ट में ही उनकी चुत में उतारने लगा. ताईजी को दर्द हो रहा था वो आआन्ह.. आ..ह..आ.. आआन्ह… कर रही थी. पर उनकी आवाज केवल मेरे कानों को ही सुनाई दे रही थी. वो अपनी आवाज दबा ले रही थी. ताईजी लाज के मारे अपनी आवाज दबा ले रही थी. और मैं दबा दबा कर उनकी चुत में अपना लण्ड पेल रहा था।

मेरा फौलादी लण्ड ताऊजी से मोटा था तो ताईजी की चुत की अंदरूनी दीवारों को अच्छे से रगड़ रहा था. जिससे ताईजी को और दर्द हो रहा था वो आन्ह.. आन्ह.. ओहो.. ओ ह…आन्ह.. मा.. आ.. आ.. ई कर रोने जैसी आवाज निकाल रही थी. पर उनकी आवाज से ज्यादा हल्ला नही हो रहा था. पर मुझे उनकी चींख से और ज्यादा खुसी मिल रही थी।

मैं लगातार उनकी चुत में अपना मोटा लण्ड दौड़ा रहा था. वो मेरे नीचे लेटी लण्ड खा रही थी. मैं और ताईजी पूरा पसीना पसीना हो चुके थे. ताईजी की चुत का झांटो वाला हिस्सा ही पसीने से भीग गया था. और मेरी कमर के पसीना मेरे लण्ड पर टघरता हुआ हर शोर्ट के साथ ताईजी की चुत में जा रहा था।

इसके बाद मैंने ताईजी के ब्रेस्ट को दबाते हुए उनकी ब्लाउज खोलने लगा उन्होंने पैडेड ब्रा नही पहनी थी तो ब्लाउज के खुलते ही उनकी ब्रेस्ट बाहर आकर उनके सीने के अगल बगल झूलने लगे. मैं उनके ब्रेस्ट को मसलने लगा. हैरानी की बात ये थी कि ताईजी ने अपनी ब्लाउज खोलने पर मुझे कुछ नही कहा मैं उनके चेहरे की तरफ देखते हुए।

उनके ब्रेस्ट के निपल्लों को अपने लिप्स से मिसकर पीने लगा. मैं ताईजी के दूधों को पीते हुए उनकी चुत में शोर्ट लगा रहा था. अभी भी ताईजी हल्की आवाज में उफ्फ ..आ.. ह.. आ ..ह ..आन्ह.. आन्ह ओह..! कर रही थी. फिर एकदम उन्होंने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया और अपने टांगों को ऐठने लगी।

उसके बाद मुझे उनकी चुत से कुछ रिसने का एहसास हुआ और लण्ड भी चिकनाहट से आसानी से पिसलकर उनकी चुत में घुसने लगा. मैंने बिना रुके शोर्ट चालू रखे कुछ धक्कों के बाद मेरी लण्ड और गोटियों पर भी उनकी चुत का सफेद माल लग गया।

इसके बाद मैंने उनकी चुत से अपना लण्ड बाहर निकाला और उनकी पेटीकोट खींचकर अपने लण्ड और उनकी चुत दोनों को साफ किया. इसके बाद मैंने ताईजी की साड़ी को उनकी कमर में लपेट दिया. इसके बाद मैंने उनके दोनों जांघो को पकड़ा और सीधा करके उनके सर की ओर कर दिया।

जिससे उनकी चुत और चूतड़ सीधी मेरे लण्ड के सामने आ गयी मैंने उनकी चूतड़ की छेद देखी जो थोड़ी खुलकर बड़ी हो गयी थी. मुझे तो उनकी चूतड़ मारने का मन होने लगा पर मैंने खुद को रोक लिया चूतड़ मारने पर वो ज्यादा चिल्लाती जो मेरे लिए ठीक नही होता।

इसके बाद मैंने उनकी चूतड़ के पीछे बैठकर उनकी चुत में फिर से अपना लण्ड घुसा दिया. लण्ड अभी भी थोड़ा तंग गया पर चुत के भीतर पूरा घुस गया. फिर मैं उनकी दोनों टाँगों को पकड़े उनकी चुत में लण्ड घुसाये बैठ गया।

Chachi ki choot

फिर घप्पा घप मैं ऊपर नीचे होकर उनकी चुत में अपना तगड़े रॉड के आकार का अपना लण्ड उनकी चुत में भीतर बाहर करने लगा. इस पोजीशन में लण्ड का आखिरी छोर तक उनकी चुत में घुसने लगा. मैं ताईजी का चेहरा देख रहा था. वो भी मजे ले रही थी. पर रिश्ते की मर्यादा को लेकर शायद वो अभी भी संकोच कर रही थी।

पर मैं ये सब भूल बस उन्हें एक महिला समझ रहा था. जिसकी चुत आज की नाईट मेरे लण्ड से अच्छे से कुचल रही थी. वो अपनी होंठो को दबाए दर्द से मिमियाने लगी आन्ह..आन्ह.. न..अ ..अ.. अ.. ई आह आह..ओ ओ.. पर मैंने कोई दया नही दिखाई. मैं दम लगाकर उनकी चुत में लण्ड पेलता रहा कभी कभी जब मैं ज़ोर से उनकी जांघो पर बैठता तो मेरा फौलादी लण्ड ज़ोर से उनकी चुत की भीतरी दीवार से लग जाता

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जिससे वो छटपटा जाती और मेरे चूतड़ के नीचे अपने हाथ लगा कर धक्कों की ज़ोर को कम करने की प्रयास करती. पर वो मेरे मोटे लण्ड से अपनी चुत की चुदाई को एन्जॉय भी कर रही थी. किन्तु अपनी संतुष्टि अपने चेहरे पर नही आने दे रही थी. मुझे ऐसा दिखाने की प्रयास कर रही थी कि अभी भी उन्हें हमारे बीच हो रहे सेक्स से एतराज़ है।

पर मैं खींच खींच कर अपना लण्ड उनकी चुत में भर रहा था. लगातार चुदाई होने से ताईजी की चुत उधड़ बिखर गई थी. जब मैं बीच बीच में अपना लण्ड पूरा निकाल रहा था. तब तब मैं उनकी चुत के छेद को अपनी नज़रो से नाप रहा था. उनकी चुत की छेद पहले से ज्यादा चौड़ी हो गयी थी. उनकी चुत की छेद ऐसी हो गयी थी।

ताईजी की चुत

मुझे फिक्र होने लगी कि कही ताईजी की बुर देखकर ताऊजी को शक न हो जाये कि ताईजी किसी मोटे लण्ड वाले से चुदती है. फिर से मैंने अपना लण्ड ताईजी की चुत में डाल दिया और फिर से शोर्ट मारने लगा. कुछ देर वैसे ही धक्का पेल चलता रहा मैं अब झड़ने वाला था. तो मेरी बोखलाहट जाग गयी. मैं और तेज़ी से ताईजी की चुत की गहराइयों में अपना लण्ड उतारने लगा।

ताईजी की चुत की गहराई में पहुँचकर मेरा फौलादी लण्ड झटके मारने लगा. वैसे ही अपना पूरा लण्ड उनकी चुत में डाले हुए अपने लण्ड का सारा माल ताईजी की चुत में निकालने लगा. जैसे ही ताईजी को महसूस हुआ कि मेरा माल उनकी चुत में निकल रहा है. उन्होंने मुझे लण्ड को उनकी चुत से निकालकर अपने ऊपर से हटने को कहा पर मैं उल्टा उन के उप्पर लेट गया।

और लण्ड को उनकी चुत में डाले हुए अपने लण्ड का सारा माल उनकी चुत में ही निकालने लगा. 5 से 10 मिनट तक मेरे लण्ड ने रुक- रुककर अपना सारा माल उनकी चुत में उगला उसके बाद जैसे ही मैं उठने लगा. ताईजी मुझे और तेज़ी से अपने ऊपर से धकेलती हुई उठी और मूतने वाली पोजीशन में बैठ गयी।

उनके बैठते ही उनकी चुत से मेरा माल आहिस्ता आहिस्ता रिसता हुआ बाहर आ रहा था. कुछ ही देर में ताईजी के चुत से ढेर सारा माल गिरकर जमीन पर जमा हो गया. ताईजी अभी भी बैठकर अपनी चुत से माल का बूंद बूंद बाहर निकालने लगी. आखिर में उन्होंने अपनी उंगलियों से अपनी चुत में से माल बाहर निकाला।

मुझे नींद आ रही थी तो मैं पलंग पर सोने आ गया. और ताईजी जमीन पर फैले माल को कपड़े से पोंछकर साफ करने लगी. उसके बाद वो मेरे पास आई और कहने लगी कि आज जो हमारे बीच गलती से हुआ वो किसी को पता नही चलना चाहिए. मैंने भी उनसे वादा किया कि हमारे बीच जो संबंध बना है वो किसी को पता नही चलेगा. और मस्ती में मैंने उनके दोनों ब्रेस्ट दबा दिए।

फिर हम दोनों अपने अपने जगह पर सो गए. तो मेरे प्यारे भाई और बहनों कैसी लगी आप सभी को मेरी ताईजी की चुदाई की कहानी।

तो मेरे प्यारे भाई और बहनों हम www.xxxvale.com फैमिली के सदस्य उम्मीद करते हैं की आप को हिंदी फ्री अश्लील XXX सेक्स कहानी हिंदी में “नंगी ताईजी की चूत में लौड़ा पेला XXX Hindi Sex Kahani” बहुत पसंद आई होती इस हिंदी फ्री अश्लील XXX सेक्स कहानी हिंदी में को अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करना. इन इंडियन सेक्स स्टोरीज के अलावा यदि आप इंडियन देसी पोर्न विडियो देखना चाहते है या फिर न्यूड (नग्न) नंगी फोटो देखना चाहते है तो www.indiansexbazar.com वेबसाइट ज़रूर देखें…

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